Rating of Circuit Breaker

रेटिंग ऑफ सर्किट ब्रेकर


सर्किट ब्रेकर का क्या कार्य है


सर्किट ब्रेकर को पावर सिस्टम में इस प्रकार से जोड़ा जाता है  जो नीचे दिए गए हर एक कंडीशन पर काम करता है यदि सिस्टम में किसी भी प्रकार का फॉल्ट होता  हो तो उसी टाइम  फॉल्टटी सेक्शन को दूर करने के लिए ब्रेकर ऑपरेट होता है


सर्किट सर्किट ब्रेकर को तुरंत ही ऑपरेट होना आवश्यक जाता है

प्रोटक्शन सिस्टम में बहुत से फॉल्ट होने के कारण या फॉल्ट होने के बाद सर्किट ब्रेकर को ऑन स्थिति में रखना पड़ता है ऐसे  संजोग में फॉल्ट करंट ब्रेकर कांटेक्ट में से उतने ही समय में प्रवाहित हो सके तो सर्किट ब्रेकर की  इतनी क्षमता होनी चाहिए


ऊपर बताए अनुसार सर्किट ब्रेकर रेटिंग दर्शाया गया है


 [1] ब्रेकिंग केपेसिटी


[2] मेकिंग केपेसिटी


 [3] शॉर्ट टाइम केपेसिटी



 ब्रेकिंग कैपेसिटी


जब सर्किट में किसी भी प्रकार का फॉल्ट होता है तो उस फॉल्ट के कारण उसमें करंट का प्रवाह बढ़ जाता है यह फॉल्ट करंट सर्किट ब्रेकर के कांटेक्ट के अनुसार ब्रेक होना चाहिए  इस प्रकार के  फॉल्ट करंट को ब्रेकर के कांटेक्ट से अलग/ब्रेक करने की क्षमता को ब्रेकिंग कैपेसिटी कहते हैं


NOTE :- रिकवरी वोल्टेज, निर्दिष्ट पावर फैक्टर, RRRV  के लिए सर्किट ब्रेकर की RMS करंट के ब्रेक करने की क्षमता को ब्रेकिंग  कैपेसिटी कहते हैं


ब्रेकिंग कैपेसिटी के दो प्रकार हैं


[A] सिमिट्रिकल ब्रेकिंग कैपेसिटी


[B] एसिमिट्रिकल ब्रेकिंग केपेसिटी



पावर सिस्टम में जब किसी प्रकार का फॉल्ट होता है तब मात्र उसमें अल्टरनेटिंग करंट ही नहीं होता उसके साथ उसमें डीसी कंपोनेंट भी होता है जिसमें करंट का FLOW  होता है अर्थात फॉल्ट करंट में एसिमेट्री होता है


आइए हम इसे उदाहरण के तौर पर  जाने


X = AC कंपोनेंट की मैक्सिमम वैल्यू है,

Y = DC   कंपोनेंट की वैल्यू है,


तो सिमिट्रिकल ब्रेकिंग करंट =  AC कंपोनेंट के RMS वैल्यू = X / √2

एसिमिट्रिकल ब्रेकिंग करंट =  कुल करंट की RMS वैल्यू





ब्रेकिंग कैपेसिटी को सामान्य रूप से MVA में दर्शाया जाता है  यदि (I) CURRENT यह रेटेड ब्रेकिंग करंट एंपियर में हो तो और V  यह सिस्टम वोल्टेज में हो तो 3- फेस सर्किट ब्रेकर के लिए


रेटेड ब्रेकिंग कैपेसिटी = √3 VI10-6x MVA 


ब्रेकिंग केपेसिटी  को MVA  में दर्शाना कोई लॉजिक नहीं है क्योंकि यह शॉर्ट सर्किट करंट और रेटेड वोल्टेज के गुणाकार में से कैलकुलेशन करके निकाला जाता है जबकि शॉर्ट सर्किट के समय ब्रेकर के कांटेक्ट के आक्रोश में वोल्टेज, सर्विस वोल्टेज से बहुत कम हो जाता है 



मेकिंग कैपेसिटी


पावर सिस्टम में यदि किसी भी प्रकार का फॉल्ट होता हो तो सर्किट ब्रेकर ऑन कंडीशन में होना चाहिए


जब सर्किट ब्रेकर ऑन कंडीशन में होता है तब उसी टाइम यदि किसी प्रकार का फॉल्ट सर्किट में होता हो तो उसी वक्त इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फोर्स इसके कारण सर्किट ब्रेकर  कार्य करता है  और इसी टाइम कांटेक्ट करो क्लोज होना चाहिए अब इस प्रकार का फोर्स  क्लोजिंग के समय इंस्टैन्टेनियस के SQURE  के प्रमाण होता है 


इससे मेकिंग कैपेसिटी के लिए करंट की  RMS वैल्यू के बदले उसकी पिक  वैल्यू ली जाती है इसलिए कांटेक्ट क्लोज होने के बाद पहली साइकिल के दरमियान करंट लिया जाता है करण की फॉल्ट करंट की महत्तम की पहली साईकिल के दरमियान सर्किट ब्रेकर के फेस में मैक्सिमम एसिमिट्रिक होता है


सर्किट ब्रेकर के कांटेक्ट  क्लोज होने के बाद करंट वेवफॉर्म की प्रथम साईकिल के दरमियान डीसी कंपोनेंट के सहित करंट की पिक वैल्यू को  मेकिंग कैपेसिटी कहते हैं


इस तरह से मेकिंग करंट अर्थात एसिमिट्रिकल करंट की महत्तम कीमत


अब सिमिट्रिकल ब्रेकिंग कैपेसिटी पर से एसिमिट्रिकल ब्रेकिंग कैपेसिटी निकालना हो तो उसे 1.8 से गुणा करना पड़ता है और ब्रेकिंग कैपेसिटी  RMS वैल्यू में होती है


इसलिए पिक वैल्यू के लिए 2 से गुणा करना पड़ता है


मेकिंग कैपेसिटी = 2 1.8  सिमिट्रिकल ब्रेकिंग केपेसिटी

= 2.55  सिमिट्रिकल ब्रेकिंग कैपेसिटी



शॉर्ट टाइम केपेसिटी


पावर सिस्टम में फॉल्ट टेंपरेरी प्रकार का भी होता है  और कई बार तो 1 या 2 सेकंड में फॉल्ट उसके हिसाब से ही क्लियर हो जाता है 


EXAMPLE :-- ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइन में कोई भी कंडक्टिंग वस्तु नीचे गिर जाए तो ऐसे कम समय में कई बार सर्किट ब्रेकर को ट्रिप नहीं होता है यह समय बहुत जल्द पूरा हो जाता है उसके बाद ब्रेकर ट्रिप होता है इस प्रकार सर्किट ब्रेकर एक कांटेक्ट फॉल्ट करंट अमुक समय के साथ सेंस करके ऑपरेट होते हैं 


सर्किट ब्रेकर के शॉर्ट टाइम रेटिंग दो प्रकार के वस्तुओं पर आधारित होता है


 [A] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फोर्स को सहन करने की क्षमता के आधार पर

 [B] टेंपरेचर राइज सहन करने की क्षमता के आधार


ऊपर के रेटिंग के आधार पर सर्किट ब्रेकर के नीचे बताए गए अनुसार रेटिंग दिए गए हैं



रेटेड करंट


करंट की RMS  वैल्यू जिस सर्किट ब्रेकर के कांटेक्ट में सतत प्रवाहित हो सके उसे रेटेड करंट कहा जाता है 


नंबर ऑफ पॉल


रेटेड वोल्टेज [  RMS  वैल्यू ]


रेटेड फ्रीक्वेंसी


रेटेड ऑपरेटिंग ड्यूटी


रेटेड ऑपरेटिंग ड्यूटी नीचे बताए गए अनुसार दर्शाया जाता है


B - 3 Minutes - MB - 3 Minutes - MB


जहां B =  ब्रेकिंग ऑपरेशन

MB =  मेकिंग ऑपरेशन के बाद तुरंत का टाइम लेग कि बिना ब्रेकिंग ऑपरेशन


EXAMPLE :- 1


एक थ्री फेज सर्किट ब्रेकर का रेटिंग, 1000 A, 500MVA, 66KV,  3 सेकंड है  तो (I) रेटेड सर्विस वोल्टेज, (II) रेटेड करंट, (III) रेटेड सिमिट्रिकल ब्रेकिंग करंट,(IV) रेटेड मेकिंग करंट, (V) शार्ट टाइम रेटिंग और (VI) ब्रेकिंग कैपेसिटी निकालें



रेटेड सर्विस वोल्टेज = 66 KV


रेटेड करंट = 1000 A


ब्रेकिंग कैपेसिटी = 500 MVA


रेटेड सिमिट्रिकल ब्रेकिंग करंट =  




रेटेड मेकिंग करंट = 2.55 रेटेड सिमिट्रिकल ब्रेकिंग करंट = 2.554374 = 11154 A ( PEAK )


शार्ट टाइम रेटिंग = 3 सेकंड







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