फीडर / लाइन का संरक्षण

 फीडर / लाइन का संरक्षण


ट्रांसमिशन लाइन और फीडर की लाइन की लंबाई बहुत बड़ी और लंबी होती है इसलिए वह खुली होती है इसलिए इस लाइन में फॉल्ट की संभावना बहुत अधिक होती है और इस प्रकार के लाइन में जब कहीं Fault होता है वह तो उस Fault के पास में आए हुए सर्किट ब्रेकर ट्रिप हो जाने चाहिए और अन्य कोई सर्किट ब्रेकर Trip नहीं होना चाहिए

इसके अलावा वहां पर बैकअप सुरक्षा भी प्रदान की जानी चाहिए और साथ ही Relay ऑपरेटिंग का समय यथासंभव कम होना चाहिए ताकि सिस्टम स्थिर हो 

इन सभी मुद्दों को ध्यान में रखते हुए लाइन संरक्षण लागू किया जाता है 

लाइन फीडर के प्रोडक्शन का  वर्गीकरण

फीडर/लाइन प्रोडक्शन का वर्गीकरण नीचे बताए गए अनुसार है 

FEEDER LINE PROTECTION


नॉन यूनिट प्रकार के सिस्टम


[१] नॉन-डायरेक्शनल टाइम  ग्रेडेड ओवर करेंट प्रोटक्शन


[२] नॉनडायरेक्शनल करंट ग्रेडेड ओवर करेंट प्रोटक्शन


[३] डायरेक्शनल टाइम ग्रेडेड प्रोडक्शन


[४]  डिस्टेंस / impedance प्रोटेक्शन


यूनिट  प्रकार के सिस्टम

[1] सर्कुलेटिंग करंट सिस्टम, 


[2] बैलेंस वोल्टेज सिस्टम, 


[3] ट्रांसले रिले सिस्टम

नॉन यूनिट प्रकार के प्रोटेक्शन सिस्टम में पायलट वायर का उपयोग नहीं किया जाता है  रिले सेटिंग की मदद से डिस्क्रिमिनेशन किया जाता है जबकि यूनिट प्रकार के प्रोडक्शन सिस्टम में पायलट वायर डिफरेंशियल [सर्कुलेटिंग करंट] प्रोटेक्शन का उपयोग किया जाता है


नॉन-डायरेक्शनल टाइम ग्रेड प्रोडक्शन सिस्टम  और डायरेक्शनल टाइम ग्रेड प्रोडक्शन सिस्टम


नॉन-डायरेक्शनल टाइम  ग्रेडेड प्रोटेक्शन सिस्टम में विविध प्रकार के डायरेक्शनल और नॉनडायरेक्शनल रिले का उपयोग किया जाता है  सर्किट नॉन-डायरेक्शनल  रिले में  दोनों तरफ से  एरो इस प्रकार के संकेत के द्वारा दर्शाया जाता है इस प्रकार के रिले का उपयोग ट्रांसमिशन लाइन पर अथवा अन्य किसी सब स्टेशन पर पावर फ्लो किसी भी दिशा में हो  तो भी यह रिले ऑपरेट होता है


जबकि डायरेक्शनल प्रकार के रिले प्रोटक्शन सिस्टम में एक ही एरो अर्थात एक ही तरफ एरो होता है जिसे इस तरह से दर्शाया जाता है  और यदि किसी ट्रांसमिशन लाइन में अथवा सब स्टेशन में पावर फ्लो की दिशा एरो की दिशा में हो तो ही सेट रिले टाइम के अनुसार ऑपरेट होगा 


NON-DIRECTIONAL TIME GRADED PROTECTION SYSTEM
NON-DIRECTIONAL TIME GRADED PROTECTION SYSTEM



एरो के विरुद्ध दिशा में कितना भी करंट पर है परंतु रीले ऑपरेट नहीं होगा


इस प्रकार नॉनडायरेक्शनल टाइम  ग्रेडेड प्रोटक्शन सिस्टमऔर डायरेक्शनल टाइम ग्रेडेड प्रोटक्शन सिस्टम  काम करता है

अब हम इसे  आकृति के अनुसार अच्छी तरह से समझें


इस प्रकार के प्रोटेक्शन  रेडियल प्रकार के फीडर में उपयोगी होता है जिसमें पावर फ्लो के दिशा एक ही होती है इसमें फीडर पर अलग-अलग प्रकार के लोकेशन पर रखे  हुए ओवरकरेंट रिले मैं टाइम का ग्रेडिंग सेट किया जाता है अर्थात जैसे-जैसे हम पावर सब स्टेशन से अथवा पावर स्टेशन से दूर जाते जाएंगे वैसे-वैसे रिले का ऑपरेटिंग टाइम घट जाएगा  दिए गए प्रोटक्शन सर्किट में बताया गया है [ fig.1 ]


आकृति में डी पर रखे हुए  रिले का टाइम सेटिंग 0.3 सेकंड है  इससे D पॉइंट पर यदि में किसी भी प्रकार का फॉल्टी होता हो तो सर्किट ब्रेकर 0.3 सेकंड में ऑपरेट हो जाएगा यदि  फॉल्ट सी और डी दोनों के बीच के सेक्शन में होता  है तो इसी प्रकार सर्किट ब्रेकर 0. 8 सेकंड मेंऑपरेट हो जाएगा


इसमें बैकअप प्रोटेक्शन भी मिलता है  फीडर के D पॉइंट पर फॉल्ट होता है तो किसी भी कारण D पॉइंट का रिले ऑपरेट ना हो सके तो  उसके  आगे से पॉइंट पर आया हुआ रिले 0. 8 सेकंड में ऑपरेट हो जाएगा  यह इसका बैकअप  प्रोटेक्शन है


यदि C स्टेशन का रिले ऑपरेट ना हो पाए तो B स्टेशन पर आया हुआ रिले 1.3 सेकंड में ऑपरेट हो जाएगा और यदि B स्टेशन पर क रीले 1.3 सेकंड में ऑपरेट ना हो पाता  हो तो A  प्रकार  का  रिले 1.8 सेकंड में ऑपरेट हो जाएगा और सर्किट ब्रेकर  ट्रिप हो जाएगा इस प्रकार के सिस्टम में इसी तरीके से एक दो तीन या अनेक प्रकार के बैकअप  प्रोटेक्शन दिया जाता है


जिस प्रकार के सिस्टम में पावर फ्लो एक ही दिशा में  हो इसी प्रकार के रेडियल सिस्टम के फीडर में प्रोडक्शन सिस्टम का उपयोग किया जाता है



डिशएडवांटेज


टाइम  लेग दिया जाता है


इंटरकनेक्टेड सिस्टम के लिए अनुकूल नहीं है


सिस्टम में यदि फेरफार होता हो तो टाइम  ग्रेडिंग बदलनी पड़ती है



नॉन-डायरेक्शनल करंट ग्रेडेड प्रोडक्शन सिस्टम


ब दो सबस्टेशनों के बीच में Impedance लगा हो  तब करंट ग्रेडिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता है इसलिए  इसमें हाई स्पीड हाई सेट ओवरकरेंट रिले का उपयोग किया जाता है इस प्रकार का रीले प्रीसेट किए हुए सेटिंग पर तुरंत ही ऑपरेट हो जाता है अर्थात  इंस्टैन्टेनियस प्रकार का होता है


जो आकृति में बताए अनुसार है


NON-DIRECTIONAL CURRENT GRADED PROTECTION SYSTEM
NON-DIRECTIONAL CURRENT GRADED PROTECTION SYSTEM



स्टेशन  A, B और C बताए गए रिले करंट सेटिंग क्रम के अनुसार क्रमानुसार 12 .5 एंपियर,  10 एंपियर, 8 एंपियर है अर्थात जब C के आगे के फीडर पर फॉल्ट होगा  तब C पर  का रिले ऑपरेट होगाऔर B और C के बीच में यदि कोई फॉल्ट होगा तो B स्टेशन पर का रीले  ऑपरेट होगा


DESCRIMINATION



 डिशएडवांटेज लिमिटेशन


[1] यदि कोई फॉल्ट नजदीक के स्टेशन पर  फॉल्टहोता हो तो डिस्क्रिमिनेशन करना आसान नहीं होता  जैसे कि यदि फॉल्ट B स्टेशन पर हुआ हो और उसके नजदीक का स्टेशन B,C है और तभी A स्टेशन के पास में रहा हुआ  रिले को ऐसा लगता है कि फॉल्ट A और B के बीच हुआ  क्योंकि दो स्टेशन के बीच में हुए फॉल्ट के कारण  दोनों के बीच में करंट का डिफरेंस बहुत कम रहता है इसी के कारण डिस्क्रिमिनेशन निकालने के लिए  80% लाइन को  प्रोटेक्शन देना जरूरी हो जाता है


[2]  ट्रांजियंट की स्थिति में रिले की एक्यूरेसी नहीं होती


[3]  अलग-अलग प्रकार के फॉल्ट के लिए व फॉल्ट करंट अलग अलग होता है इसी कारण रिलेटेड इस सेटिंग करने में थोड़ा मुश्किल होती है


[4]  इंटरकनेक्टेड सिस्टम में थोड़ी सी कठिनाई होती है

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