प्रोटेक्टिव रिले

PROTECTIVE RELAY

प्रोटेक्टिव रिले


प्रोटक्शन सिस्टम में यह एक  प्रकार का महत्वपूर्ण अंग है  अर्थात PROTECTION सिस्टम का माइंड [mind] कहा जा सकता है कहा जा  सकता है  क्योंकि  RELAY फॉल्ट को सेंस करता है और सर्किट ब्रेकर ग्रुप करने का कमांड देता है सर्किट ब्रेकर या अलग अलग सिद्धांत पर काम करता है



Protection system



जिसमें अलग-अलग प्रकार के प्रोटेक्शन प्रणाली के आधार पर रिले को अलग-अलग भागों में बांटा गया है


यूनिट में रिले के प्रकार और उसके सिद्धांत के बारे में तथा उसकी रचना कार्य और सेटिंग उपयोग और टेस्टिंग के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे


प्रोटेक्टिव रिले का उपयोग पावर सिस्टम में उत्पन्न होने वाली असाधारण स्थिति कोई फॉल्ट या  इक्विपमेंट के प्रोटेक्शन के लिए इसका उपयोग किया जाता है अर्थात असामान्य स्थिति में डिटेक्ट करके सर्किट ब्रेकर के द्वारा डिफेक्टिव एलिमेंट के सिस्टम से अलग कर दें


जैसे हम उदाहरण की तरह देखे तो बस बार में 1  फीडर के द्वारा लोड को पावर दिया जाता है करंट ट्रांसफॉर्मर द्वारा करंट को SENSE करके सेकेंडरी वाइंडिंग में रिले कोइल के साथ सप्लाई दिया जाता है


जैसे ही FEEDER में  शॉर्ट सर्किट होगा तो फिर का करंट का प्रमाण बढ़ जाएगा इससे करंट ट्रांसफॉर्मर सेकेंडरी में भी करंट का प्रमाण बढ़ जाएगा और इसमें रिले कॉइल में करंट का प्रमाण बढ़ जाने से कांटेक्ट ओपन होंगे यह कांटेक्ट ऑन होने से सर्किट ब्रेकर के  ट्रिप कोइल को  सप्लाई मिलेगा इस तरह फाल्ट फीडर सिस्टम से दूर  होता है



प्रोटेक्टिव रिले और ऑग्ज़ीलियरी 



PROTECTIVE रिले और ऑग्ज़ीलियरी रिले के बीच में सबसे बड़ा अंतर  यह है प्रोटेक्टिव रिले मेजरिंग क्वांटिटी या ऐटयूएटिंग क्वांटिटी के कुछ हद तक बढ़ता घटता और ऑपरेट होता है  


जबकि ऑग्ज़ीलियरी रिले किसी भी प्रकार का क्रिटिकल पिक अप वैल्यू नहीं होता वह एकमात्र पिक-अप  वैल्यू से अधिक क्वांटिटी मिलने से ही ऑपरेट होता है  PROTECTIVE RELAY को मेजरिंग रिले भी कहा जाता है AUXILIARY RELAY को ऑल ओर नथिंग रिले के रूप में जाना जाता है



 

PROTECTIVE RELAY के साथ ऑग्ज़ीलियरी रिले यूनिट फिट किया जाता है जब रिले ऑपरेट होता है तब ऑग्ज़ीलियरी रिले यूनिट भी ऑपरेट होता है इससे मैं रिले पर  कांटेक्ट का बर्डन कम किया जा सकता है 


AUXILIARY RELAY यूनिट का उपयोग करने से दूसरा एक प्रक्रिया का फायदा यह भी है कि PROTECTIVE RELAY के साथ ऑग्ज़ीलियरी रिले यूनिट फिट किया जाता है जब रिले ऑपरेट होता है तब ऑग्ज़ीलियरी रिले यूनिट भी ऑपरेट होता है इससे मैन रिले पर का कांटेक्ट का burden कम किया जा सकता है 


 AUXILIARY RELAY यूनिट का उपयोग करने से दूसरा एक प्रक्रिया फायदा  यह भी है कि मैन यूनिट में कांटेक्ट का एक या दो में से एक पेर रखकर ऑग्ज़ीलियरी रिले को ऑपरेट किया जा सकता है और  AUXILIARY RELAY का मैन कांटेक्ट से इंडिकेशन वगैरह दिया जा सकता है 



ऑग्ज़ीलियरी रिले के विविध प्रकार नीचे बताए गए हैं


[1] चेंज ओवर रिले


यह एक प्रकार का  ऑग्ज़ीलियरी रिले है इसमें रिले ऑपरेट होने से कांटेक्ट चेंज ओवर होता है


[2] फ्लैग इंडिकेटिंग रिले


जब ऑग्ज़ीलियरी ऑपरेट होता है तब इंडिकेटिंग  फ्लैग दर्शाता है


[3] सुपरवाइजरी  रिले


इस प्रकार का रिले मेजरिंग रिले  और  ऑग्ज़ीलियरी रिले का मिश्रण है  सिर्फ सुपर विज़न के लिए उपयोग किया जाता है


[4] ट्रिपिंग रिले


जब सिस्टम में एक साथ एक से अधिक प्रकार के ऑपरेशन  मे ट्रिपिंग की जरूरत होती है  तब ट्रिपिंग रिले का उपयोग किया जाता है यह एक प्रकार का   इंस्टैन्टेनियस प्रकार  क रीले होता है


 

जनरल रिक्वायरमेंट ऑफ  प्रोटेक्टिव रिले


प्रोटेक्टिव रेलवे यह सामान्य रूप से कार्यरत है या नहीं नीचे दर्शाए गए जरूरत के अनुसार है


[1] जब RELAY को ऑपरेट होना हो तभी रिले को ऑपरेट होना चाहिए [ सिलेक्टिविटी प्रॉपर्टी ]


[2] रिले में एडजस्टमेंट की व्यवस्था होनी चाहिए 


उदाहरण ओवर करेंट रिले में रिले को जिस करंट पर ऑपरेट होना चाहिए उसे उस तरीके से एडजस्टमेंट की व्यवस्था की जा सके ऐसा होना चाहिए


[3] ओवर वोल्टेज, अंडर वोल्टेज, हारमोनिक्स, वगैरह के कारण पैदा होने वाले ट्रान्सियन्ट रिले को सेंस करे करें  ऐसा रिले यूज /  वर्क करना होना चाहिए 


[4] मेंटेनेंस के लिए उसके  भागो तक पहुंचा जा सके इस प्रकार की रचना होनी चाहिए


[5] टेस्टिंग और ड्रेसिंग हो सके इस प्रकार से वायरिंग और कांटेक्ट का एडजेस्टमेन्ट होना चाहिए


[6] भेज अथवा  धूल के राजगढ़ जिले के अंदर ना जा सके इस प्रकार से कवर की रचना होनी चाहिए





प्रोटेक्टिव रिले का वर्गीकरण



कार्य सिद्धांत के आधार पर प्रोटेक्टिव रिले का विविध रूप से वर्गीकरण किया गया है



[1] इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रिले


फेरोमैग्नेटिक भाग पर मैग्नेटिक फील्ड  किस सिद्धांत पर से यह रिले कार्य करती हैं यह कोई प्रकार के अथवा  अट्रैक्टेड आर्मेचर प्रकार का अथवा मूविंग एंड प्रकार का होता है


[2] परमानेंट मैग्नेट  मूविंग कॉइल रिले


परमानेंट मैग्नेट चुंबकीय क्षेत्र में रखी हुई को इनमें से कुछ करण  प्रवाहित होने से उसमें से उत्पन्न होने वाला मैग्नेटिक फील्ड के कारण रिले ऑपरेट होता है 


[3] पोलाराइजड रिले


इस रिले में रिले का ऑपरेशन करंट की दिशा के आधार पर की जाती है


[4] इलेक्ट्रोडायनेमिक रिले


इसमें दो या दो से अधिक COIL होती है कॉल में प्रवाहित होने वाले करंट के कारण उत्पन्न होने वाला  फ्लक्स के इंटरसेक्शन के कारण रिले ऑपरेट होता है


[5] मोटर पैटर्न रिले 


इसमें मोटर की तरह आर्मेचर घूमता है और रिले ऑपरेट होता है


[6] थर्मल रिले


इस प्रकार के रेले में इलेक्ट्रिक करंट प्रवाहित होने से उसमें से पैदा होने वाली उष्मा के कारण रिले ऑपरेट होता है


[7] गैस ऑपरेटेड रिले


गैस ऑपरेटेड रिले में ऑयल में यूज किया जाता है उनमें होने वाले इस पार्किंग के कारण उसमें गैस उत्पन्न होता है और उसके स्कोर सेंस करने के बाद रिले ऑपरेट होता है 


[8] स्टैटिक रिले


इस प्रकार की रिले में कोई मूविंग पार्ट नहीं होता ट्रांजिस्टर तथा लीनियर और डिजिटल इंटीग्रेटेड सर्किट का उपयोग किया जाता है 





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