स्विच और सर्किट ब्रेकर, स्विच और आइसोलेटर, सर्किट ब्रेकर और आइसोलेटर, फ्यूज और सर्किट ब्रेकर के बीच अंतर

स्विच और सर्किट ब्रेकर, स्विच और आइसोलेटर , सर्किट ब्रेकर और आइसोलेटर , फ्यूज और सर्किट ब्रेकर के बीच  अंतर 

SWITCH-CIRCUIT-BREAKER-SWITCH-ISOLATOR-FUSE


स्विच और सर्किट ब्रेकर के बीच  अंतर 


Both the switch and the circuit breaker are circuit interrupting devices so to brake the current in the circuit Uses


स्विच  और सर्किट ब्रेकर [ C.B.]


[ 1 ] स्विच का उपयोग यह कम बहने वाले करंट में उपयोग किया जाता है स्विच का उपयोग कम कीमत में करंट बहता हो ऐसी सर्किट को चालू बंद करने के लिए उपयोग होता है 

[ 1 ] इसमें करंट की कीमत बहुत ज्यादा हो ऐसे सर्किट को ब्रेक करने के लिए सर्किट ब्रेकर का उपयोग होता है 


[ 2 ] फाल्ट करंट को ब्रेक करने के लिए स्विच का उपयोग नहीं किया जा सकता इसलिए हेल्थी सेच्युरेशन में उपयोगी है 

[ 2 ] सर्किट में फाल्ट होता हो तब भी सर्किट ब्रेक करने के लिए यूज़ होता है अर्थात फाल्ट कंडीशन में भी उपयोगी है 


[ 3 ] स्विच का ऑपरेशन मैनुअल में होता है 

[ 3 ] सर्किट ब्रेकर का ऑपरेशन मैन्युअल के उपरांत ऑटोमेटिक भी होता है ट्रिप कोइल प्रोटेक्शन रिले ऑपरेट होता है जिसे ब्रेकर ऑफ  होता है 


[ 4 ] वोल्टेज लेवल कम  होता है

[ 4 ] समान्य वोल्टेज लेवल होने से हाई और एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज रेटिंग वाला डिवाइस होता है 


[ 5 ] मेंटेनेंस की जरूरत कम होती है 

[ 5 ] रेगुलर मेंटेनेंस की जरूरत होती है 


[ 6 ] इसकी रचना सरल  सादी होती है 

[ 6 ] इसकी रचना होती है और एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज के लिए डिज़ाइन होती है 


[ 7 ] जगह कम घेरता है और खर्च भी कम होता है 

[ 7 ] जगह स्विच की तुलना में ज्यादा घेरता है और खर्च इसकी तुलना में ज्यादा होता है 


[ 8 ] यह सामान्य रूप से इंडोर प्रकार की होती है 

[ 8 ] रेटिंग और प्रकार के आधार पर आउटडोर और इंडोर दोनों प्रकार का होता है 



स्विच  और आइसोलेटर 


स्विच और आइसोलेटर  दोनों सर्किट इन्ट्रप्टिंग डिवाइस है इसलिए सर्किट में करंट को ब्रेक करने के लिए यूज़ होता  है


[ 1 ] स्विच, लोड करंट को इन्ट्रप्ट करने के लिए उपयोग होता है 

[ 1 ] आइसोलेटर को लोड पर ऑपरेट किया जाता  है 


[ 2 ] स्विच का वोल्टेज लेवल कम  होता है 

[ 2 ] आइसोलेटर सर्किट ब्रेकर के साथ उपयोग होने पर हाई वोल्टेज पर ऑपरेट होता है 


[ 3 ] स्विच में ब्रैकिंग टाइम महत्व का होता है क्युकी लोड करंट को ब्रेक करने में उपयोगी है 

[ 3 ] आइसोलेटर को लोड के समय ही ऑपरेट किया जाता है इसलिए ब्रेकिंग समय  कोई सवाल पैदा नहीं होता 


[ 4 ] स्विच के कांटेक्ट को ओपन  से कांटेक्ट पर स्पार्किंग होता है 

[ 4 ] आइसोलेटर में स्पार्किंग हो ऐसी कोई कंडीशन नहीं होती है 


[ 5 ] लोड करंट को ब्रेक करने से कांटेक्ट अमुक समय के लिए खराब होता है इससे मेंटेनेंस की जरूरत होती है 

[ 5 ] लोड करंट को ब्रेक न करने से मैंटेनस की जरूरत कम होती है 


[ 6 ] सामान्य रूप से इंडोर प्रकार की होती है 

[ 6 ] यह आइसोलेटर इंडोर और आउटडोर दोनों प्रकार के होते है 


[ 7 ] ज्यादा तर भाग में इसे मैनुअली ऑपरेट किया जाता है 

[ 7 ] मैन्युअल , मोटर या न्युमेटिक रूप ऑपरेट होता है 



आइसोलेटर  और सर्किट ब्रेकर 


आइसोलेटर और सर्किट ब्रेकर दोनों सर्किट इन्ट्रप्टिंग डिवाइस है | 


[ 1 ] नो लोड पर आइसोलेटर को चालू बंद किया जा सकता है इस तरह से इसकी डिज़ाइन होती है 

[ 1 ] सर्किट ब्रेकर हैल्थी सेच्युरेशन में लोड करंट को चालू बंद करने के लिए तथा फाल्ट के टाइम पर करंट को ब्रेक किया जाता है 


[ 2 ] रचना एकदम सरल और सादी होती है 

[ 2 ] इसकी रचना एकदम अटपटी होती है 


[ 3 ] मेंटेनेस कम होता है खर्च की दृष्टी से खर्च भी कम होता है 

[ 3 ] मेंटेनेस अधिक होता है खर्च की दृष्टी से खर्च आइसोलेटर की तुलना में ज्यादा  होता है 


[ 4 ] मैन्युअल , मोटर या न्युमेटिक रूप ऑपरेट होता है परन्तु ऑटोमेटिक ऑपरेशन नहीं होता है 

[ 4 ] सर्किट ब्रेकर मैन्युअल और ऑटोमेटिक दोनों तरीको से ऑपरेट  है 


[5] करंट को ब्रेक न करने से इसमें कोई भी प्रकार का स्पार्किंग का चांस नहीं होता | 

[5] करंट को ब्रेक करने से उसमे आर्क उत्पन्न होता है इसलिए इसे कवीन्च की व्यवस्था की जाती है इसके लिए अलग से कविन्चिंग मीडियम की जरूर होती है 


[6] आइसोलेटर में मैंन कांटेक्ट ही होते है 

[6] सर्किट ब्रेकर में मैन कांटेक्ट और ऑक्सिलियरी कांटेक्ट भी होता है 



फ्यूज  और सर्किट ब्रेकर 


फ्यूज और सर्किट ब्रेकर दोनों सर्किट इन्ट्रप्टिंग डिवाइस है


[ 1 ] सर्किट को ब्रेक करने के लिए फौल्टी कंडीशन में ही उपयोगी है 

[ 1 ] फॉल्टी कंडीशन में सर्किट को ब्रेक करने के लिए उसमे हेल्थी कंडीशन में सर्किट को ऑन ऑफ करने के लिए किया जाता है 


[ 2 ] फाल्ट का डिटेक्शन और करंट का इंटरप्शन दोनों काम फ्यूज द्वारा होता है 

[ 2 ] फाल्ट का डिटेक्शन रिले द्वारा होता है और करंट का इंटरप्शन सर्किट ब्रेकर द्वारा होता है 


[ 3 ] ऑपरेटिंग टाइम कम होता है 

[ 3 ] ऑपरेटिंग टाइम ज्यादा होता है 


[ 4 ] ब्रेकिग कैपेसिटी कम होती है 

[ 4 ] ब्रेकिंग कैपेसिटी ज्यादा होती है 


[ 5 ] ऑपरेशन सरल और कीमत कम होती है 

[ 5 ] ऑपरेशन क्रिटिकल और कीमत ज्यादा होता है 




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